Bihar: भ्रष्टाचार पर एक्शन! 13 लाख से अधिक की सरकारी राशि के गबन में फंसीं प्रखंड प्रमुख, पद से हटाने का आदेश
दरभंगा के केवटी प्रखंड की प्रमुख जीवछी देवी को 13.15 लाख रुपये की सरकारी राशि के दुरुपयोग के मामले में पद से हटाने का आदेश दिया गया है। जांच में आरोप सही पाए गए। बीडीओ और पंचायत सचिव से राशि वसूली के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।

– फोटो : Amar Ujala
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दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड की प्रमुख जीवछी देवी की कुर्सी पर संकट गहरा गया है। बिहार लोक शिकायत निवारण प्राधिकार और पंचायती राज विभाग की कार्रवाई के बाद उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी किया गया है। जांच में 13 लाख 15 हजार 187 रुपये की सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आने पर यह कार्रवाई की गई है। मामले के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और नए प्रमुख के चुनाव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, वित्तीय अनियमितता से जुड़े इस मामले में केवटी प्रखंड की प्रमुख जीवछी देवी, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) रूखसार और पंचायत सचिव के खिलाफ शिकायत की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान द्वितीय अपीलीय प्राधिकार ने 12 मई 2026 को जांच टीम गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराई थी।
जांच में सामने आया सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला
जांच रिपोर्ट में सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होने के बाद संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। प्रखंड प्रमुख और बीडीओ ने 8 जून को अपना जवाब प्राधिकार को सौंपा, लेकिन प्राधिकार ने स्पष्टीकरण को असंतोषजनक मानते हुए खारिज कर दिया। इसके बाद 13 लाख 15 हजार 187 रुपये की सरकारी राशि के दुरुपयोग का दोषी मानते हुए पंचायती राज विभाग ने प्रमंडलीय आयुक्त को प्रमुख को पद से हटाने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
बीडीओ और पंचायत सचिव से होगी वसूली
मामले में दोषी पाए गए बीडीओ और पंचायत सचिव के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 15 दिनों के भीतर सरकारी राशि की वसूली सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया गया है।
आर्थिक अपराध इकाई और एसवीयू की भी हुई थी एंट्री
इस मामले की शिकायत बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को भी की गई थी। शिकायत के बाद विशेष सतर्कता इकाई (SVU) ने जांच कर बीडीओ चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद 27 मई को एसवीयू की टीम ने बीडीओ के छह ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसियों के अनुसार छापेमारी में आय से अधिक संपत्ति के प्रमाण मिले थे। प्रारंभिक जांच में यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से लगभग 89 प्रतिशत अधिक बताई गई थी।
कार्रवाई के बाद गरमाई स्थानीय राजनीति
केवटी प्रमुख को पद से हटाने के आदेश और सरकारी राशि की वसूली की कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारों में नए प्रमुख के चुनाव को लेकर भी समीकरण बनने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर लोगों की नजरें अब आगामी प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।