Bihar Explainer: वज्रपात या ऐसी अन्य आपदाओं में मौत पर सरकार देती है कितना मुआवजा, कैसे मिलता है और किसे?

Bihar Explainer:वज्रपात या ऐसी अन्य आपदाओं में मौत पर सरकार देती है कितना मुआवजा, कैसे मिलता है और किसे? – What Compensation Does Bihar Government Provide For Disaster-related Deaths How Is It Obtained Who Is Eligible – Amar Ujala Hindi News Live

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What compensation does Bihar government provide for disaster-related deaths how is it obtained who is eligible


Bihar Explainer: वज्रपात या ऐसी अन्य आपदाओं में मौत पर सरकार देती है कितना मुआवजा, कैसे मिलता है और किसे?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद

Updated Sat, 13 Jun 2026 06:52 AM IST

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सार

बिहार में हर साल आपदा के कारण हजारों लोगों की जान जाती है। आंधी, वज्रपात, बारिश के कारण पिछले 52 दिनों में 55 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इतना ही नहीं बड़े सड़क हादसे ( एक बार में तीन या इससे अधिक लोगों की मौत) में करीब 30 से अधिक लोगों ने जान गंवाई है। अब ऐसे हादसों के बाद अक्सर यह सवाल उठता है कि मृतक के परिजनों को सरकार से कितनी आर्थिक सहायता मिलती है, राहत राशि किसे दी जाती है और इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनानी होती है।


What compensation does Bihar government provide for disaster-related deaths how is it obtained who is eligible

मई और जून में व्रजपात से कब कितनी लोगों की मौत हुई।
– फोटो : अमर उजाला


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विस्तार

सात अप्रैल 2026 को एक अणे मार्ग के संकल्प सभागार में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 13वीं बैठक हुई थी। यह बैठक तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में की गई थी। यह बैठक बिहार में होने वाली आपदा और पीड़ितों को मुआवजे को लेकर की गई थी। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि 24 नवम्बर 2005 को नई सरकार बनने के बाद से ही हमलोगों ने आपदा प्रबंधन के लिये कई कार्य किये हैं। बाढ़, सूखा, अग्निकांड, भूकम्प, हीटवेव सहित अन्य आपदाओं के कुशल प्रबंधन हेतु मानक संचालन प्रक्रिया बनायी गयी। राज्य में स्थापित राज्यस्तरीय आपदा नियंत्रण केन्द्र से आपदा प्रबंधन में काफी सहायता मिलती है। हमारा मानना है कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। राज्य सरकार आपदा पीड़ितों की ससमय सहायता उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्ध है। सीएम सम्राट चौधरी की सरकार बनी तो उन्होंने भी यही बात दोहराई गई कि सरकार के खजाने पर सबसे पहला हक आपदा पीड़ितों का ही है। आइये जानते हैं कि बिहार में आपदा में जान गंवाने वाले लोगों को कितनी सहायता देती है? यह कैसे मिलता है?


बिहार में वज्रपात, आंधी-तूफान, बाढ़, नाव दुर्घटना, पेड़ गिरने और टिन शेड उड़ने जैसी घटनाओं में हर साल कई लोगों की जान चली जाती है। इसमें सरकार सहायता राशि देती है। इतना ही नहीं सड़क हादसों में एक साथ तीन या तीन से अधिक लोगों की जान जाने के बाद सरकार पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये तक की सहायता राशि देती है। आंकड़ों की बात करें तो केवल मई-जून माह में अब तक खराब मौसम और सड़क हादसों में 80 से अधिक लोगों की जान चली गई है। इतना ही नहीं वज्रपात के कारण इस साल अब तक 91 लोगों की मौत हो हुई। हर हादसे के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शोक जताते हैं और पीड़ित परिवार को चार लाख तक की सहायता राशि देने का एलान करते हैं। 

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किस तरह के आपदा में कितनी सहायता राशि दी जाती है?

  • बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़, वज्रपात, नाव दुर्घटना, आंधी-तूफान तथा अन्य अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं में मृत्यु होने पर मृतक के आश्रितों को चार लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। 
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  • वज्रपात से किसी शख्स की मौत होने पर उसके निकटतम आश्रित को चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि दी जाती है। यह राशि राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के मानकों के तहत प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री स्तर से भी वज्रपात की घटनाओं के बाद मृतकों के आश्रितों को तत्काल सहायता राशि देने के निर्देश जारी किए जाते रहे हैं।
  • वहीं यदि किसी शख्स की मौत आंधी, तूफान, तेज हवा, भारी वर्षा या अन्य प्राकृतिक कारणों से होती है, जैसे पेड़ गिर जाना, मकान या दीवार ढह जाना, टिन शेड उड़कर लगना या किसी संरचना का गिर जाना, तो प्रशासनिक जांच के बाद ऐसे मामलों को भी प्राकृतिक आपदा से हुई मृत्यु माना जा सकता है। पात्र पाए जाने पर मृतक के आश्रितों को 4 लाख रुपये तक की अनुग्रह सहायता दी जाती है।
  • बाढ़ जैसी बड़ी आपदाओं के दौरान प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए सरकार डीबीटी के माध्यम से प्रति परिवार सात हजार रुपये तक की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजती है। इसका उद्देश्य शुरुआती दिनों में भोजन और जरूरी जरूरतों की पूर्ति सुनिश्चित करना है।
  • यदि बाढ़ या अन्य आपदा में कपड़े खराब हो जाते हैं या बह जाते हैं तो प्रति परिवार 1,800 रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं घरेलू बर्तन और अन्य जरूरी सामान के नुकसान पर 2,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है।
  • प्राकृतिक आपदा में कच्चे या पक्के मकान के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर सरकार की ओर से प्रति आवास 1.20 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। यह राशि मकान के पुनर्निर्माण में सहायता के लिए प्रदान की जाती है।
  • बाढ़, सुखाड़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर किसानों को कृषि इनपुट अनुदान दिया जाता है। वहीं दुधारू पशु की मृत्यु पर 30 हजार रुपये तक तथा बछड़े या बकरी की मृत्यु पर 3 हजार रुपये तक की सहायता उपलब्ध है।

बिहार सरकार किसे देती है सहायता राशि? इसके लिए क्या करना होता है?

 राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वज्रपात और सर्पदंश के मामलों में पीड़ितों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाए। ऐसे में सहायता के भुगतान की प्रक्रिया 24 घंटे के भीतर सहायता स्वीकृत करने का लक्ष्य है। आपदा में जान गंवाने वालों की जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बिहार सरकार मरने वाले के सबसे निकटतम आश्रित को यह सहायता देती है। आमतौर पर पति या पत्नी, माता-पिता, पुत्र-पुत्री अथवा कानूनी रूप से मान्य आश्रित को लाभार्थी माना जाता है। अंतिम निर्णय जिला प्रशासन की जांच और सत्यापन के आधार पर लिया जाता है। किसी आपदा में मौत या नुकसान होने पर इसकी सूचना स्थानीय थाना, अंचल कार्यालय या जिला प्रशासन को दी जाती है। प्रशासनिक जांच और सत्यापन के बाद आवश्यक दस्तावेज, जैसे मृत्यु प्रमाणपत्र, पहचान पत्र और बैंक खाते की जानकारी ली जाती है। इसके बाद स्वीकृत सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है।


पीड़ित ने क्या बताया? कैसे-क्या हुआ? कितने समय बाद मिली राशि?

खगड़िया के रहने वाले एक पीड़ित ने बताया कि उनके पिता की मौत नदी में फिसलकर गिरने से हो गई थी। पिताजी की निधन की सूचना राजस्व कर्मचारी और स्थानीय थाना को दिया गया। इसके थाना स्तर से वैरिफिकेशन किया गया। पुलिस के कहने पर पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जरूरती के साथ अनुमंडल कार्यालय में आपदा राहत राशि के लिए आवेदन किया गया। कोविड काल होने के कारण प्रक्रिया पूरी होने समय अधिक लगा। प्रशासन की ओर से जांच पड़ताल करने के लिए अधिकारी। सारी जानकारी ली। 10 से 11 महीने के बाद आश्रित को चेक के माध्यम से चार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

मई और जून में आपदा के कारण कितनी लोगों की मौत?

  • चार से पांच मई: भीषण आंधी और वज्रपात से 20 से अधिक लोगों की मौत हुई; पूर्वी चंपारण में पांच, गया में चार, औरंगाबाद में तीन, पटना (बाढ़) में दो तथा सीतामढ़ी और भोजपुर में एक-एक लोगों की मौत हुई।
  • सात से आठ मई: आंधी और आकाशीय बिजली की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई; पटना में पेड़ गिरने से दो, वैशाली, भोजपुर और पटना में एक-एक व्यक्ति की वज्रपात एवं पेड़ गिरने से मृत्यु हुई।
  • 26 से 27 मई: तेज तूफान और भारी बारिश के कारण पांच लोगों की जान गई; मुजफ्फरपुर में दो, पश्चिम चंपारण में एक, पूर्वी चंपारण में एक और मुंगेर में एक व्यक्ति की मौत हुई।
  • 29 से 30 मई: वज्रपात और 107 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चले तूफान के कारण सात से अधिक लोगों की मौत हुई; गया में तीन, औरंगाबाद में दो, खगड़िया और सारण में 1-1 व्यक्ति की जान गई।
  • नौ जून: आंधी के दौरान पेड़ गिरने से सीतामढ़ी के रेवासी गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
  • 11 जून: मानसून की दस्तक के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से छह से अधिक लोगों की जान गई; खगड़िया में पांच लोगों (पिता-पुत्र समेत) तथा मधेपुरा में दो लोगों (एक दंपती) की मौत हुई।

पिछले पांच दिनों कहां-कितने बड़े हादसे हुए?

  • 12 जून 2026 की रात: बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के बखड्डा के पास एनएच-31 पर कार के सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराने से मधेपुरा के तीन थाना प्रभारियों और उनके चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई।
  • 10 जून: अररिया जिले के कुसियार गांव के पास एनएच-57 पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो के अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने और दूसरी लेन में जाकर कार से भिड़ने के कारण चार लोगों की मौत हुई तथा 7 लोग घायल हो गए।
  • सात जून: औरंगाबाद जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में एनएच-19 पर टूरिस्ट बस और ट्रक-ट्रेलर के बीच हुई भीषण टक्कर में तीन तीर्थयात्रियों की मौत हो गई, जबकि 15 से 20 लोग घायल हो गए।
  • सात जून: औरंगाबाद जिले के गोह थाना क्षेत्र में एनएच-120 पर कार और ट्रैक्टर की जोरदार टक्कर में मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौत हो गई तथा 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
  • सात जून: अरवल जिले में एक तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर नहर में गिर जाने से उसमें सवार चार दोस्तों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।

     


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